बिजली उत्पादन के लिए और गैस प्लांट स्थापित होंगे : शीला (अंक 32)
Mar 18th, 2008 by admin
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने कहा कि बिजली के लिए अन्य राज्यों पर से निर्भरता कम करने के लिए दिल्ली सरकार बिजली उत्पादन के लिए और गैस प्लांट की स्थापना करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि 2010 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों से पहले दिल्ली में पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध होगी। श्रीमती दीक्षित ने लोगों से आह्वान किया कि वे आवश्यकतानुसार बिजली का इस्तेमाल करें ताकि उन्हें बिजली की कमी से होने वाली परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रिठाला क्षेत्र में एनडीपीएल के 108 मेगावॉट क्षमता के गैस आधारित बिजली प्लांट का शिलान्यास कर रही थी। इस अवसर पर दिल्ली के वित्त एवं बिजली मंत्री डॉ. अशोक कुमार वालिया, विकास मंत्री राजकुमार चौहान, बाहरी दिल्ली के सासंद सज्जान कुमार, विधायक जयभगवान अग्रवाल, मुख्य सचिव राकेश मेहता, ऊर्जा विभाग के सचिव राजेन्द्र कुमार, एनडीपीएल केञ् अध्यक्ष, इंजीनियर और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। श्रीमती दीक्षित ने आगे कहा कि 2002 में जब बिजली के वितरण क्षेत्र का निजीकरण किया गया था, उस समय राजधानी में बिजली की हालत दयनीय स्थिति में थी और बिजली उत्पादन की बड़ी कंपनियों को भी इस बात का डर था कि उन्हें सरकार की तरफ से पूरी मदद मिलेगी या नहीं लेकिन निजीकरण होने के बाद से बिजली क्षेत्र में लगातार सुधार आया है। इसी का परिणाम है कि पिछले कुछ सालों में दिल्ली में बिजली की सप्लाई की स्थिति काफी बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि राजधानी में आबादी बढ़ने के साथ-साथ बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इतना ही नहीं यह मांग गर्मी के दिनों में बढ़कर करीब 4200 मेगावॉट तक पहुंच जाती है। इसमे से 3050 मेगावॉट बिजली के लिए हमें अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है। इतना ही नहीं बिजल की कमी को दूर करने के लिए इन राज्यों से महंगी कीमत पर बिजली खरीदनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों पर निर्भरता कम करने के लिए दिल्ली सरकार अधिक से अधिक बिजली प्लांट राजधानी में स्थापित करना चाहती है। इसी कड़ी में आगामी 24 मार्च को 1400 मेगावॉट क्षमता के बिजली प्लांट का शिलान्यास माननीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे। इसी तरह बामनौली और झज्जार में 750-750 मेगावॉट के संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इन संयंत्रों के शुरू हो जाने के बाद बिजली की कमी काफी हद दूर हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने एनडीपीएल के अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि पहली बार किसी प्राइवेट कंञ्पनी ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में कदम रखा है। हालांकि 108 मेगावॉट क्षमता के गैस आधारित बिजली प्लांट आवश्यता को देखते हुए कम है लेकिन यह एक अच्छी शुरूआत है। उन्होंने एनडीपीएल को इस बात के लिए भी बधाई दी कि उन्होंने बिजली के लए किए गए अपने सभी वायदा को तय समय में पूरा किया है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां बिजली और पानी की कमी नहीं है लेकिन हम बचत की आदत डालकर इन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। उन्होंने लोगों कसे आहवान किया कि वे बिजली की बचत करने के लिए सीएफएल बल्ब का इस्तेमाल करें साथ ही व्यर्थ में बिजली का खर्च न करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के गरीब तबके के लोगों पर महंगी बिजली का बोझ नहीं डालना चाहती इसलिए कम यूनिट खर्च करने वाले लोगों को बिजली सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराई गई है।
इस अवसर पर दिल्ली के बिजली मंत्री डॉ. अशोक कुमार वालिया ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया कि उनके कुशल नेतृत्व में राजधानी में बिजली के क्षेत्र में व्यापक सुधार आया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को राहत पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार से बिजली के लिए 450 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है।
उन्होने कहा कि निजी कंपनियां बिजली वितरण के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही हैं और इसका सीधा फायदा जनता तक पहुच रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को 10 फीसदी की सब्सिडी मिल रही है। उन्होंने कहा कि बिजली की आवश्यकता खपत को कम करने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में दिल्ली में बिजली की कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले गर्मी के लिए बिजली की कोई कमी न हो इसके लिए दिल्ली सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है, साथ ही निजी कंपिनयों ने वायदा किया है कि वह बिजली की कमी नहीं होने देंगे।
इस मौके पर एनडीपीएल के अध्यक्ष श्री आदि इंजीनियर ने बताया कि 108 मेगावॉट क्षमता के गैस आधारित बिजली प्लांट 250 करोड़ रुपये की राशि खर्च आएगी और अगले वर्ष जुलाई तक यह प्लांट पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि एनडीपीएल क्षेत्र में बिजली की मांग 1100 मेगावॉट रहती है। इस मांग को पूरी करने के लिए अन्य राज्यों से महंगी कीमत पर बिजली खरीदनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि एनडीपीएल का सपना है कि बिजली उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाए ताकि वह अपने उपभोक्ताओं के लिए किसी भी तरह से बिजली की कमी न होने दें। उन्होंने कहा कि एनडीपीएल ने विभिन्न परियोजनाओं के लिए क्भ् करोड़ रुपये की राशि खर्च की है।