सीएफएल बल्बों से बच सकती है 1200 मेगावॉट बिजली (अंक 38)
Apr 28th, 2008 by admin
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने पृथ्वी दिवस के अवसर पर कहा कि पूरी धरती का पर्यावरण खतरे में है और हम सभी मिलकर इसके बचाव के लिए सार्थक प्रयास करने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपने सभी संसाधनों का सही उपयोग करने के साथ-साथ उन पर अपनी निर्भरता को भी घटना चाहिए और उन्हें फिर से इस्तेमाल लायक बनाया जाना चाहिए। श्रीमती दीक्षित ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के 205 स्कूलों में वर्षा जल संचयन योजना लागू करेगी जिसके लिए 40 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के लिए यह जरूरी हो गया है कि हम अधिक से अधिक सीएफएल बल्बों का इस्तेमाल करें। अगर सीएफएल बल्बों का इस्तेमाल पूरी तरह से दिल्ली में किया जाए तो 1200 मेगावॉट तक बिजली बचाई जा सकती है। मुख्यमंत्री दिल्ली सचिवालय में आयोजित पृथ्वी दिवस कार्यशाला में आए 200 स्कूलों के इको-क्लब के सदस्यों को संबोधित कर रही थीं। इस अवस पर पर्यावरण विभाग के सचिव जे.के. दादू के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
श्रीमती दीक्षित ने आगे कहा कि पूरे विश्व में पर्यावरण की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इतना ही नहीं ग्लोबल वार्मिंग से हाने वाले खतरे से हम सभी को सचेत होना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को हरा-भरा बनाकर पृथ्वी को हम प्रदूषण के खतरे से काफी हद तक बचा सकते हैं वर्ना वह दिन भी दूर नहीं कि यह पृथ्वी लोगों के रहने लायक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने राजधानी के हरित क्षेत्र को बढ़ाने के लिए अधिक पेड़ लगाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के बच्चे इस काम में हमेशा से पर्यावरण दूत की भूमिका निभाते आ रहे हैं। यही वजह है कि दिल्ली सरकार 1900 से अधिक स्कूलों में इको-क्लब की स्थापना पहले ही कर चुकी है और अब 200 नए स्कूलों को इस योजना में शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक रिसाइकिल पेपर के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके हम प्रतिवर्ष 40,000 से अधिक पेड़ों को बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक संस्थानों में रिसाइकिल पेपर के इस्तेमाल को अनिवार्य बना देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बच्चों का आह्वन किया वे वातावरा को साफ-सुथरा बनाने के लिए अपने आसपास कम से कम सात पेड़ लगाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के लिए सरकार सीएफएल बल्बों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। अभी तक पांच लाख सीएफएल बल्ब बिक चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली के 35 स्कूलों में सोलर वॉटर हीटर स्थापित किए जा चुके हैं जबकि भ् और स्कूलों में शीघ्र ही सोलर वॉटर हीटर लगाए जाएंगे। इस सिस्टम को लगाने पर केंद्र और दिल्ली सरकार अपनी ओर से सब्सिडी मुहैया करा रही है। श्रीमती दीक्षित ने साथ ही साथ यह भी कहा कि बिजली और पानी सीमित साधन के रूप में हैं इसलिए इनका इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करना चाहिए। रिसाइकिल पानी का इस्तेमाल साफ-सफाई, बागवानी और अन्य कार्यों में किया जा सकता है क्योंकि ज्यादातर लोग पीने के पानी का इस्तेमाल साफ-सफाई और अन्य कार्यों में कर पीने के पानी की बर्बादी करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार बैटरी चालित कारों की खरीद को बढ़ावा दे रही है ताकि प्रदूषण में कमी लाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि भवनों के निर्माण में भी इको-फ्रेंडली सामानों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। साथ ही प्लास्टिक की थैलियों के बजाए जूट और कपड़े के बैग के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में 50-60 लाख गाडि़यां सड़कों पर दौड़ रही हैं। इनसे पर्यावरण को हमेशा खतरा बना रहता है। महानगरों में आर्थिक संपन्नता लगातार बढ़ती जा रही है यही वजह है कि कई घरो में तीन-चार गाडि़यां इस्तेमाल की जा रही हैं।
इसलिए यह जरूरी हो गया है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधा संपन्न बनाया जाए जिससे लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर सकें। इस दिशा में दिल्ली सरकार ने मेट्रो, वातानुकूलित लो फलोर बसें, एवं लो फलोर बसें चलाकर यात्रियों को आधुनिक आरामदायक एवं सुविधा संपन्न सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा मे ठोस पहल की है।