मुख्यमंत्री ने तिहाड़ जेल परिसर में सीसीटीवी कंट्रोल रूप का उदघाटन किया (अंक 41)
May 19th, 2008 by admin
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने कहा कि दिल्ली की जेल न केवल भारत बल्कि पूरे ऐशिया में बेहतर जेलों में से एक हैं। तिहाड़ और रोहिणी जेल में सीसीटीवी कैमरों के लग जाने से न केवल उसकी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि खूंखार कैदियों पर नजर रखने के साथ-साथ जेल प्रबंधन में लगे कर्मचारियों की गतिविधियों को भी बारीकी से देखा जा सकेगा। श्रीमती दीक्षित तिहाड़ जेल परिसर में सीसीटीवी कंट्रोल रूम का उदघाटन कर रही थीं। उद्घाटन समारोह के अवसर पर तिहाड़ जेल के महानिदेशक श्री बी.के. गुप्ता के अलावा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
श्रीमती दीक्षित ने कहा कि तिहाड़ जेल में कैदियों की संख्या अधिक होने से उन पर नजर रखे जाने में काफी दिक्कतें आ रही थीं। इसके अलावा तिहाड़ जेल केञ् कर्मचारी द्वारा कैदियों से किए जा रहे व्यवहार पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि तिहाड़ जेल में 227 सीसीटीवी कैमरों के लग जाने के बाद जेल के वरिष्ठ अधिकारियों को परिसर की सुरक्षा की देखरेख करने में आसानी होगी। इन सीसीटीवी कैमरों के लगने से न केवल सभी की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेञ्गी बल्कि उनकी रिकॉर्डिंग भी की जा सकेगी। पहले चरण में लगे कैमरों से 400 हेक्टेयर क्षेत्र में फेले जेल परिसर पर नजर रखी जा सकेगी। रोहिणी जेल में भी फ्क् सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। इन कैमरों के जरिए जेल की ड्यूढ़ी, वार्ड चक्कर, मुख्य द्वार, साक्षात्कार कक्ष, अत्याधिक सुरक्षा वाले वार्ड, अंदरूनी कंट्रोल रूम और अस्पताल आदि स्थानों पर नजर रखी जा सकेगी। इस परियोजना पर लगभग 2.72 करोड़ रुपए की लागत आई है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि तिहाड़ जेल को हर तरह से हाईटेक बनाया जा रहा हे। उसी कड़ी में सीसीटीवी कैमरे इन जेलों में लगोय जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिहाड़ जेल एक तरह से आत्म सुधार केन्द्र के रूप में कार्य कर रही है ताकि यहां रह-रहे कैदी आत्म सुधार के बाद जेल से छूटने पर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें। सरकार कैदियों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही हैं ताकि जेलों से निकलने के बाद उनको सामान्य जीवन व्यतीत करने में किसी प्रकार की कोई कठिनाई न आये। कैदियों के लिए जेल में मेडिटेशन, खेल-कूद आदि का निरंतर आयोजन किया जाता है। तिहाड़ जेल में कैदियों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं वे हर प्रकार से सक्षम होने के साथ-साथ जेल में से छूटने के बाद अपने परिवार का भली-भांति भरण पोषण कर सके। तिहाड़ जेल में कैदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार में भेजा जाता है। इन उत्पादों के प्रचार के लिए समय-समय पर प्रदर्शनी भी लगाई जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिहाड़ जेल में क्षमता से अधिक कैदी होने के कारण जेल प्रशासन पर कार्य का बोझ अधिक बढ़ जाता है साथ ही विचाराधीन कैदियों और सजायाफता कैदियों की बेहतर देखभाल नहीं हो पाती। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने मंडोली, नरेला, घिटोरनी, बापरौला में नई जेलों का निर्माण करने का निर्णय लिया है। इसमें से कुछ जेलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।