नए साल में दिल्ली (अंक 20)
Dec 31st, 2007 by admin
नए साल के आगमन की खुशी में हर जगह जाम छलकने का इंतजाम हो रहा है। रोजाना इस बात की जानकारी दी जा रही है कि किस होटल में कितनी कीमत पर कितनी शराब मिलेगी और आप अपने साथ किस-किस को शरीक कर सकते हैं। मुंबई में तो सरकार ने 25 दिसम्बर और 31 दिसम्बर को शराब की दुकानों को रातभर खोलने का ऐलान किया है। यानी कि खूब पीओ खूब नाचो और खूब जश्न मनाओ। दिल्ली भी इस मामले में पीछे नहीं रहेगी। वैसे भी आगामी साल में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली सरकार लगातार कई घोषणाएं कर रही है। कालोनियों को नियमित करने से लेकर न जाने क्या-क्या। खेलगांव निर्माण के नाम पर रोजाना नई-नई घोषणाएं।
दिल्ली को पेरिस से लेकर सिडनी तक बना डालने का ऐलान। कहने का मतलब है कि दो सालों में हमारी देसी दिल्ली विदेशी हो जाएगी। अब भला सोचिए, विदेशी जमीन पर देसी सोच या देसी विचारधारा के लोग कैसे रह सकते हैं। दिल्ली में अब वे ही लोग रह पाएंगे जो सिडनी या पेरिस के लोगों के माफिक हों। अब हमें वहां के लोगों जैसा ही व्यवहार करना सीखना होगा। हमें अपनी पहचान को छोड़ उनके स्टाइल को अपनाना होगा। हजारों की संख्या में लोग दिल्ली की सड़कों पर फुटपाथों पर सोते है लेकिन सरकार को उनकी परवाह नहीं है। सरकार तो विदेशियों के ठहरने के इंतजाम में लगी है। आम जनता के लिए बिजली नहीं है, पानी नहीं है लेकिन विदेशियों को स्वच्छ पानी और बिजली मुहैया कराने के लिए सरकार अभी से न जाने कहां-कहां से करार कर रही है। आप समझ गए होंगे कि आने वाले नए साल में आपके साथ क्या-क्या होने जा रहा है।
जहां तक अनधिकृत कालोनियों के नियमितीकरण का सवाल है तो वो सरकार जरूरत करेगी। सिर्फ इसलिए कि उसे वोट लेना है उस कालोनियों में रहने वाले लोगों से। जरा सोचिए, यही सरकार अब तक इन कालोनियों को नियमित कालोनियों की तरह सुविधा देने में खुद को लाचार बता रही थी अब एकाएक सरकार कैसे सब कुछ करने में समर्थ हो गई। सिर्फ इसलिए कि चुनाव में उसे यहां के निवासियों को रिझाना है। यह भी तय है कि सरकार इन कालोनियों में सब कुछ नहीं करने वाली है। थोड़ा बहुत कुछ करके लोगों को सब्जबाग दिखाकर सरकार कहेगी पहले मुझे वोट दो फिर मैं और काम करूंगी। अब आप समझ गए होंगे नए साल में दिल्ली में क्या-क्या होने जा रहा है?