गणतंत्र दिवस (अंक-25)
Feb 4th, 2008 by admin
फिर से गणतंत्र दिवस आ गया। चारों तरफ तैयारियां चलीं, देश के कोने-कोने से कलाकार और सेना के जवान दिल्ली आए। इन सभी ने 26 जनवरी को होने वाली परेड में भाग लिया। राजपथ से जुडे़ मार्ग बंद कर दिए गए। सुबह से लेकर दोपहर तक लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। बच्चों से भी कहा गया कि 26 जनवरी को उन्हें छुट्टी दे दे गई है। सभी सरकारी कार्यालय भी बंद रहे। पूरे देश ने इस दिन छुट्टी मनाई। जी हां अब गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस का मतलब यही रह गया है। 26 जनवरी को हर साल की तरह इस बार भी राजपथ पर झांकियां निकलीं, तोप, मिसाइल और अन्य आधुनिक शस्त्रों का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति ने सलामी ली, विदेशी मेहमान भी आए जिन्होंने हमारे देश की विविधता को देखा।
टेलीविजन पर इन झांकियों का प्रदर्शन हुआ आधी जनता ने इसे देखा और आधी ने नहीं। कुछ लोग इस दिन सुबह देर से उठे, क्योंकि उनके लिए तो 26 जनवरी आराम करने का दिन है, बच्चे भी झांकी की जगह कार्टून नेटवर्क देखना पसंद करते हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो गणतंत्र दिवस देश की राजधानी दिल्ली तक ही सिमट कर रह गया है और दिल्ली में भी यह दिल्ली वासियों की चीज नहीं है, यह तो राजपथ से लेकर संसद भवन के क्षेत्र में ही सिमट कर रह गया है। लेकिन जरूरत इस बात की है कि हम आने वाली पीढ़ी को गणतंत्र का मतलब समझाएं। हमें उन्हें यह बतलाना चाहिए कि गणतंत्र का मतलब क्या है। इस दिन से हमारा संविधान लागू हुआ था। हमारी संप्रभुता साथ में आई थी। जरूरत इस बात की भी है कि जिस संविधान को इस दिन से लागू किया गया उसकी रक्षा की जाए, दूसरे अर्थों में उसे पूर्ण रूप से लागू किया जाए। अगर हम इसे लागू नहीं कर पाते हैं तो हमारे गणतंत्र दिवस का कोई मतलब नहीं रह जाता।
देश के विभिन्न प्रांतों की झांकियां निकालने से अच्छा है हम संविधान को पूर्ण रूप से लागू करने का प्रयास करें। हम अब भी संविधान का पूर्ण पालन नहीं करते। देश के सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट में लंबित मुकद्दमें इस बात का सबूत हैं कि संविधान का पालन नहीं हो पा रहा है। यह बात जग जाहिर है। गणतंत्र दिवस पर समारोह मनाना भी जरूरी है आखिर यह हमारा राष्ट्रीय पर्व है लेकिन अगर उस पर्व को मनाने के पीछे का मकसद ही अर्थहीन हो जाए तो क्या फायदा? इसलिए जरूरी यह है कि हम इसे अर्थपूर्ण बनाते हुए अपने गणतंत्र को मजबूत करें, तभी इसके सही अर्थ को साकार कर पाएंगे।