वर्तमान समय में जब निहित स्वार्थों से प्रेरित होकर राजनेता से लेकर अपने को धर्म के ठेकेदार बताने वाले मजहब के नाम पर लोगों में फूट डालने के साथ ही उन्हें आपस में लड़वाने की नई-नई साजिशें रच रहे हैं। ऐसे में पाक़ नगरी अजमेर शरीफ स्थित गरीब नवाज ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के […]
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भारतीय मुस्लिम समाज और खासकर इसकी महिलाओं का सबसे बड़ा कोई दुश्मन है तो वह उलेमा ही हैं। यह उलेमा गाहे-बगाहे इस्लाम के नाम पर ऐसे फतवे जारी कर देते हैं, जिससे मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के लिए तरक्की के सारे रास्ते बंद हो जाएं। दरअसल सदियों से औरत को पैर की जूती समझने […]
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जम्मू कश्मीर की सरकार खास तौर पर अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने अपनी अपराधपूर्ण लापरवाही के कारण लगातार दूसरे वर्ष लाखों श्रद्घालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के साथ ही उनकी आस्था से खिलवाड़ किया है।
अमरनाथ की पवित्र गुफा में हर साल बर्ड्ड के प्राकृतिक रूप से बने शिवलिंग के दर्शन करने की आस लेकर लाखों […]
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भारतीय संविधान के निर्माताओं ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद (राष्ट्रपति) को पूरी तरह से दलगत राजनीति से मुक्त रखने की व्यवस्था की है। बावजूद इसके देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के चयन के बाद से इस पद पर नियुक्ति पूरी तरह से राजनीतिक आधार पर होती रही है। मगर इस बार […]
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देश की सर्वाधिक सुरक्षित तिहाड़ जेल और चर्चाओं का चोली दामन जैसा संबंध है। कभी चार्ल्स शोभराज के अपने साथियों सहित अभेद समझी जाने वाली जेल में सेंध लगाकर फरार हो जाने की वजह से तिहाड़ की चर्चा होती है तो कभी इसकी महानिरीक्षक किरण बेदी द्वारा लागू किए गए सुधार कार्यक्रमों को अंतराष्ट्र्रीय स्तर […]
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अपने मुवकिल को बचाने के लिए वकील कानूनी दावपेच के अलावा तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। वह जिरह के दौरान गवाह को झूठा साबित करने से लेकर उसके द्वारा दी गई जानकारी और तथ्यों को गलत साबित करने का भी प्रयास करते हैं। इसमें कुछ गलत भी नहीं है। जिस प्रकार से डॉक्टर का कर्तव्य […]
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राजस्थान की मुख्यमंत्री महारानी वसुंधरा राजे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बीच वैसे तो कोई समानता नहीं है। दोनों की पारिवारिक पृष्ठभूमि अलग है और राजनीतिक विचारधारा भी। वसुंधरा राजे का जन्म व लालन-पालन राजघराने में हुआ। वह भारतीय जनता पार्टी की नेत्री हैं। जबकि विलासराव देशमुख का जन्म आम परिवार में हुआ […]
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विद्वान अर्थशास्त्री डा. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा होते-होते प्रधानमंत्री और कांग्रेस दोनों का ही रंग उतरने लगा है। हाल ही में हुए राज्य विधानसभाओं के चुनाव और संप्रग सरकार की कार्यशैली व लोकप्रियता के बारे में आम जनता की राय जानने के […]
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देश की राजधानी दिल्ली महिलाओं के लिए पूरी तरह से असुरक्षित हैं क्योंकि यहां अकेली महिला या युवती का सड़क पर निकलना खतरे से खाली नहीं है। पता नहीं कार में सवार शोहदें कब अकेली महिला या युवती को जबरन खींच लें और कार में ही उसकी इज्जत को तार-तार कर दें। दिल्ली पुलिस के […]
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दिल्ली सरकार आज कह रही है कि बिजली की सुविधा पाना नागरिकों का मौलिक अधिकार नहीं है। कल को वह कह सकती है कि स्वच्छ पेयजल, बेहतर सड़क, उच्चस्तरीय शिक्षा व साफ वातावरण को भी मौलिक अधिकारों में शामिल नहीं किया गया है। लिहाजा न तो नागरिकों को इनकी मांग करने का अधिकार है और […]
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